लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UP Roadways) ने मुख्यालय में बायोमेट्रिक अटेंडेंस (UP Roadways Biometric Attendance) को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए इसे 10 जुलाई से अनिवार्य कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब जो भी अधिकारी या कर्मचारी दफ्तर देर से पहुंचता है, उसका वेतन काटा जाएगा।
इस सख्ती का असर बृहस्पतिवार को साफ नजर आया। सुबह से ही रोडवेज मुख्यालय पर गाड़ियों की कतारें लग गईं। कई अफसर समय से पहले ही कार्यालय पहुंच गए। सुबह 9:30 बजे दफ्तर पहुंचने का समय तय किया गया है और शाम 6 बजे तक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
❗ क्यों लिया गया ये फैसला (UP Roadways Biometric Attendance)?
मुख्यालय में कई बार शिकायतें मिली थीं कि अधिकारी और कर्मचारी देर से आते हैं और समय से पहले चले जाते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने बायोमेट्रिक उपस्थिति को लागू करने का निर्णय लिया।
📸 कर्मचारियों की बदली दिनचर्या
पहले दिन ही इसका असर देखने को मिला। कई कर्मचारी समय से पहले दफ्तर पहुंच गए और पूरे दिन ऑफिस में डटे रहे। शाम 6 बजे तक अफसर और स्टाफ अपनी सीटों पर दिखाई दिए, जिससे स्पष्ट है कि इस कदम ने कर्मचारियों को समय का पाबंद बना दिया है।
📌 आगे क्या?
इस व्यवस्था को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाएगा। प्रबंधन का मानना है कि इससे न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि अनुशासन भी बना रहेगा।


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