IMD का बड़ा अनुमान: जून में सामान्य से 108% अधिक बारिश!

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर बड़ा अपडेट (Monsoon 2025 Update) जारी किया है। विभाग के अनुसार, जून 2025 में देशभर में सामान्य से 108% अधिक बारिश होने की संभावना है। यह 16 साल में सबसे जल्दी आने वाला मानसून है, जिसने पहले ही केरल और महाराष्ट्र में भारी बारिश शुरू कर दी है।

मानसून कोर जोन में सबसे ज्यादा बारिश

IMD के मुताबिक, इस बार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और आसपास के इलाकों में सामान्य से अधिक वर्षा होगी। यह क्षेत्र मानसून कोर जोन का हिस्सा है, जहां देश की 60% कृषि भूमि मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है।


कहां कितनी बारिश? IMD का पूर्वानुमान (Monsoon 2025 Update)

1. Monsoon 2025 Update: सामान्य से अधिक बारिश वाले राज्य (106% से ज्यादा)

  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • महाराष्ट्र (मुंबई, कोंकण, विदर्भ)
  • ओडिशा
  • गोवा
  • कर्नाटक के तटीय इलाके

2. सामान्य बारिश वाले क्षेत्र

  • उत्तर-पश्चिम भारत (राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब)

3. सामान्य से कम बारिश वाले राज्य

  • पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

क्यों खास है इस बार का मानसून?

  • 16 साल में सबसे जल्दी पहुंचा मानसून: इस साल मानसून ने 23 मई को ही केरल में दस्तक दे दी, जो 2009 के बाद सबसे जल्दी है।
  • मुंबई में 16 दिन पहले आया मानसून: आमतौर पर मुंबई में मानसून 11 जून तक पहुंचता है, लेकिन इस बार 26 मई को ही भारी बारिश शुरू हो गई।
  • 1950 के बाद पहली बार इतनी जल्दी: IMD के अनुसार, यह 73 साल में सबसे तेज मानसूनी प्रगति है।

क्या होगा असर?

अच्छी खबर: किसानों को राहत

  • खरीफ फसलों (धान, मक्का, सोयाबीन) के लिए बेहतर स्थिति।
  • बांध और जलाशय भरने से पानी की कमी दूर होगी।

बुरी खबर: बाढ़ का खतरा

  • मुंबई, केरल, गोवा और ओडिशा में भारी बारिश से बाढ़ की आशंका।
  • शहरी इलाकों में जलभराव और यातायात व्यवधान।

कहां चल रही है सबसे तेज बारिश?

IMD ने अगले 48 घंटों में इन क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है:
केरल
कर्नाटक के तटीय इलाके
मुंबई और कोंकण
गोवा
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्से


मानसून से जुड़े अहम सवाल

1. क्या इस बार सूखे की आशंका है?

नहीं, IMD के अनुसार, पूरे मानसून सीजन (जून-सितंबर) में 106% बारिश होगी, जो सामान्य से अधिक है।

2. क्या यह ग्लोबल वार्मिंग का असर है?

हां, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री तापमान बढ़ने और ला नीना प्रभाव के कारण मानसून जल्दी और तेजी से आया है।

3. क्या उत्तर भारत में अच्छी बारिश होगी?

हां, उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा) में सामान्य बारिश का अनुमान है।

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निष्कर्ष: “इस बार मानसून लाएगा खुशहाली या तबाही?”

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल मानसून अच्छा रहेगा, लेकिन केरल, महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। किसानों के लिए यह अच्छी खबर है, लेकिन शहरी इलाकों को जलभराव और यातायात समस्याओं के लिए तैयार रहना होगा।

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