Jaipur Bribery Case: लाइसेंस के नाम पर रिश्वत का खेल बेनकाब, नगर निगम का पशुधन निरीक्षक एसीबी के जाल में फंसा

Jaipur Bribery Case: जयपुर सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के दावों के बीच जयपुर नगर निगम से रिश्वतखोरी का एक मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नगर निगम जयपुर की पशु प्रबंधन शाखा में कार्यरत पशुधन निरीक्षक सुरेन्द्र कुमावत को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी की विशेष अनुसंधान इकाई (एसआईयू) द्वारा की गई।

जानकारी के अनुसार मामला एक चिकन शॉप के लाइसेंस से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) को बताया कि उसका लाइसेंस जारी हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारी लाइसेंस जारी करने के एवज में अतिरिक्त राशि की मांग कर रहा था। आरोप है कि अधिकारी ने 6 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर परिवादी को लगातार परेशान किया।

शिकायत के बाद शुरू हुई निगरानी

एसीबी को शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया। प्रारंभिक जांच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि होने पर ब्यूरो ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। पूरी कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश और उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में की गई।

विशेष अनुसंधान इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। शिकायतकर्ता और अधिकारियों के बीच हुई बातचीत तथा अन्य तथ्यों की पुष्टि के बाद ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी

एसीबी टीम (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई करते हुए नगर निगम के पशुधन निरीक्षक सुरेन्द्र कुमावत को 5 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए पकड़ लिया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर उसे हिरासत में ले लिया।

Read More: राज्यसभा चुनाव से उठी नई सियासी जंग- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस ने लोकतंत्र पर हमले का लगाया आरोप

कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए रिश्वत राशि को जब्त किया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत होगा अनुसंधान

एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं। मामले में आगे की जांच के दौरान अतिरिक्त तथ्यों और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जाएगी।

Read More: टीएमसी में सियासी भूचाल! 19 सांसदों के बगावती तेवर से बढ़ी ममता बनर्जी की चुनौती, NDA समर्थन के दावे से गरमाई राजनीति

सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता की चुनौती

यह मामला एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों को आने वाली चुनौतियों को उजागर करता है। लाइसेंस जैसी नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया में रिश्वत की मांग आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। ऐसे मामलों पर एसीबी की कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है बल्कि आमजन को शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित करती है।

एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी वैध कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तुरंत ब्यूरो को दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

For More Latest Updates: Instagram, Facebook and Youtube

Related Posts

  • 4 views
Rural Service Camp: बस्सी के ग्रामीण सेवा शिविर में मुख्य सचिव की सख्ती, बोले- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

Rural Service Camp: जयपुर। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में मंगलवार को उस समय गतिविधियां…

  • 3 views
Indian Knowledge Tradition: भारतीय ज्ञान परंपरा से बनेगा विकसित भारत, शिक्षा में संस्कार और नैतिकता जरूरी: राज्यपाल बागडे

Indian Knowledge Tradition: जयपुर। शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने के लिए…