Rural Service Camp: जयपुर। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में मंगलवार को उस समय गतिविधियां तेज हो गईं, जब मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर जिले की बस्सी पंचायत समिति के अंतर्गत मानगढ़ खोखावाला ग्राम पंचायत में चल रहे शिविर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव (वी. श्रीनिवास) ने शिविर में स्थापित विभिन्न विभागीय काउंटरों का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी और जटिल प्रक्रिया के उपलब्ध कराया जाए।
जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर फोकस
निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन ने मुख्य सचिव (वी. श्रीनिवास) को शिविर में प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति से अवगत कराया। प्रशासन ने बताया कि राजस्व संबंधी कई लंबित मामलों का मौके पर समाधान किया गया। इनमें नामांतरण, खातों के शुद्धिकरण, अतिक्रमण संबंधी मामलों और आबादी विस्तार के लिए पट्टों का वितरण शामिल रहा।
मुख्य सचिव (वी. श्रीनिवास) ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं बल्कि मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता और कानूनसम्मत तरीके से निपटारा किया जाए।
ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं को मिली गति
शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की गईं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नए व्यक्तिगत शौचालयों और सामुदायिक स्वच्छता परिसरों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही पहले से बंद पड़े स्वच्छता परिसरों को पुनः सक्रिय बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
विद्युत विभाग ने ढीले तारों और क्षतिग्रस्त बिजली पोलों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया, जबकि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। ग्रामीणों ने मौके पर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई भी की गई।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से राजीविका के माध्यम से नए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया। महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए उनके बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया भी शिविर में पूरी की गई। अधिकारियों का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
लाभार्थियों को मौके पर मिली राहत
शिविर के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृतियां और प्रमाण पत्र वितरित किए। कई परिवारों को नए और नवीनीकृत आवासीय पट्टे प्रदान किए गए। वहीं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत मृतक बीमाधारकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता राशि के चेक सौंपे गए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत पात्र महिला लाभार्थी को आर्थिक सहायता स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया गया। इससे शिविर में आए लोगों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने और जनसुनवाई को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र तभी सफल माना जाएगा जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। ग्रामीण सेवा शिविर इसी सोच को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

