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सबरीमाला में टूटी परंपरा: 800 साल में पहली बार दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया, पूजा की

तिरुवनंतपुरम: आज तड़के सुबह दो महिला भक्तों ने सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन करके सालों पुरानी परंपरा तोड़ दी। इसके बाद मंदिर को शुद्धिकरण के लिए बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने महिला श्रद्धालुओं को पूरी सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट से सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की इजाजत मिलने के लगभग तीन महीने बाद पहली बार महिलाओं ने सबरीमाला में भगवान अयप्पा के दर्शन किए। मंदिर के 800 साल के इतिहास में पहली बार दो महिलाओं ने यहां प्रवेश कर भगवान अयप्पा की पूजा की है।

पुरुषों के कपड़ों में मंदिर में प्रवेश करके दर्शन किया

पेशे से वकील बिंदु और सामाजिक कार्यकर्त्ता कनकदुर्गा ने बताया कि उन्होंने पुरुषों के कपड़ों में मंदिर में प्रवेश करके दर्शन किया। दोनों के मुताबिक इस दौरान दर्जन भर पुलिस कर्मी भी सिविल ड्रेस में उनके साथ मौजूद रहे। महिलाओं के दर्शन के बाद मंदिर के शुद्धिकरण करने की खबरें हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर शुद्धिकरण प्रक्रिया के लिए कुछ देर बंद रहा और अब इसे वापस दर्शन-पूजन के लिए खोल दिया गया है।

कोझिकोड जिले के कोयिलैंडी की रहने वाली

बिंदू कॉलेज में लेक्चरर और भाकपा (माले) कार्यकर्ता हैं। वह कोझिकोड जिले के कोयिलैंडी की रहने वाली है। कनकदुर्गा मलप्पुरम के अंगदीपुरम में एक नागरिक आपूर्ति कर्मी हैं। वे दोनों 24 दिसंबर को सबरीमला आई थीं। इससे पहले चेन्नई के एक संगठन ने 11 महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया था और अयप्पा मंत्रोच्चारण कर रहे श्रद्धालुओं ने उन्हें वहां से लौटा दिया था।

महिलाओं को सुरक्षा देने का आदेश

रिपोर्ट की मानें तो दोनों महिलाएं एम्बुलेंस में मंदिर तक पहुंची। दोनों महिलाओं के दर्शन के लिए पुलिस ने पहले से इंतजाम किये हुए थे। पुलिस ने दोनों के दर्शन का वीडियो भी जारी किया है। प्रदेशभर में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने कहा कि हमने पुलिस को दर्शन करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को सुरक्षा देने का आदेश दिया था।

 

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