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DSP की नौकरी छोड़कर रामविलास पासवान ने चुनी था राजनीति, 77 में रिकॉर्ड मतों से जीतकर बने थे सांसद

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का गुरुवार की देर शाम 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका पिछले काफी दिन से दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार को ही पासवान की हार्ज सर्जरी भी हुई थी। रामविलास पासवान के निधन पर देश के प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया है और कहा है कि मैंने अपना दोस्त और मजबूत सहयोगी खो दिया।

खगड़िया के शहरबन्नी गांव में एक साधारण परिवार में जन्मे पासवान ने छात्रसंघ से राजनीति में कदम रखा था। वह जेपी आंदोलन में भी बिहार में मुख्य किरदार थे। वे देश के दलितों की हित के लिए संघर्ष करते रहे। मृदुभाषी होने के कारण सभी के दिल में उनके लिए जगह थी। पहली बार वर्ष 1969 में वह विधायक बने। वर्ष 1977 में पहली बार मतों के विश्व रिकॉर्ड के अंतर से जीतकर लोकसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। केंद्र में एनडीए की सरकार हो या यूपीए की, उनका महत्व समान रूप से बना रहा।

रामविलास पासवान पढ़ाई लिखाई में अच्छे थे और उन्होंने बिहार प्रशासनिक सेवा की परीक्षा भी पास की थी। 2016 के मार्च महीने में रामविलास पासवान ने एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में पासवान ने लिखा था, ‘1969 में मेरा डीएसपी और एमएलए दोनों में एक साथ चयन हुआ। तब मेरे एक मित्र ने पूछा कि बताओ सरकार गवर्नमेंट बनना है या सर्वेंट? बस तभी मैंने राजनीति जॉइन कर ली।’

रामविलास पासवान पहली बार 1969 में एक आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में बिहार विधानसभा पहुंचे। 1974 में राज नारायण और जेपी के प्रबल अनुयायी के रूप में लोकदल के महासचिव बने। वे व्यक्तिगत रूप से राज नारायण, कर्पूरी ठाकुर और सत्येंद्र नारायण सिन्हा जैसे आपातकाल के प्रमुख नेताओं के करीबी रहे। हालांकि पासवान उस समय चर्चा में आए, जब उन्होंने 1977 के लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतो से जीत हासिल की। उन्होंने उस वक्त चार लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की थी और यह विश्व रिकॉर्ड था। इसके बाद वे 1980 में सांसद चुने गए लेकिन 84 में चुनाव हार गए।

रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 में हुआ था। उनका पैतृक गांव खगड़िया जिले के अलौली स्थित शहरबन्नी गांव है। उनकी शादी 1960 में राजकुमारी देवी के साथ हुई थी। बाद में 1981 में पहली पत्नी को तलाक देकर दूसरी शादी 1983 में रीना शर्मा से की। उनकी दोनों पत्नियों से तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं। उन्होंने कोसी कॉलेज खगड़िया और पटना यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। पटना विश्वविद्यालय से उन्होंने एमए और लॉ ग्रेजुएट की डिग्री ली। वह नॉनवेज पसंद करते थे और मछली उनकी पहली पसंद थी।

द फ्रीडम स्टॉफ
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