Rajasthan Rail Budget: जयपुर, 11 जून। राजस्थान में रेलवे और तकनीकी विकास को लेकर केंद्र सरकार ने बड़े निवेश और नई परियोजनाओं का रोडमैप सामने रखा है। केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में कहा कि पिछले 12 वर्षों में राज्य को रेलवे, आधारभूत ढांचे और तकनीकी क्षेत्र में अभूतपूर्व लाभ मिला है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान अब केवल पर्यटन और संस्कृति का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य की तकनीकों और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रेल बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यूपीए सरकार के समय राजस्थान को रेलवे के लिए जहां केवल 682 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट मिलता था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 10,828 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 76 हजार करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे परिवहन व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी।
राजस्थान के रेलवे स्टेशनों का बदलेगा स्वरूप
राज्य में 85 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जयपुर, गांधी नगर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, कोटा, अलवर, अजमेर, आबू रोड और पाली मारवाड़ समेत कई प्रमुख स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में स्थानीय संस्कृति और राजस्थान की पारंपरिक स्थापत्य शैली को भी शामिल किया जा रहा है ताकि यात्रियों को आधुनिकता के साथ क्षेत्रीय पहचान का अनुभव मिल सके।

नई ट्रेन सेवाओं से बढ़ेगी कनेरेल नेटवर्क विस्तार पर विशेष फोकस
राजस्थान में रेल क्षमता बढ़ाने के लिए कई डबलिंग और नई रेल लाइन परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। आगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, रींगस-सीकर और सवाई माधोपुर-जयपुर जैसी परियोजनाएं परिवहन दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा नई रेल लाइनों के जरिए कई क्षेत्रों को पहली बार बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।
फ्रेट कॉरिडोर और कार्गो टर्मिनलों से उद्योगों को बढ़ावा
राज्य में 560 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से माल परिवहन को नई गति मिलेगी। लगभग 14,700 करोड़ रुपये की इस परियोजना से औद्योगिक निवेश और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही 24 गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों का विकास राजस्थान को औद्योगिक और व्यापारिक दृष्टि से अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
जयपुर के लिए तकनीकी और स्वास्थ्य क्षेत्र की पांच बड़ी सौगात
कार्यक्रम में जयपुर के भविष्य को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। एमएनआईटी जयपुर में क्वांटम लैब, सेमीकंडक्टर लैब और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा शहर में अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर और मेडिकल हब विकसित करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये परियोजनाएं जयपुर को उभरते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम और हेल्थकेयर सेक्टर का प्रमुख केंद्र बना सकती हैं।
विकसित राजस्थान की ओर बढ़ते कदम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे, तकनीक, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में हो रहे निवेश राज्य के दीर्घकालिक विकास को गति देंगे। उनका दावा है कि इन परियोजनाओं से रोजगार, निवेश और नवाचार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे राजस्थान आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी विकासशील राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।

