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गंगा की सफाई लिए NGT ने बनाई समिति कहा गंगा को पुनर्जीवित करना बहुत बड़ा काम

नई दिल्ली: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सोमवार को कहा कि हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा की सफाई के लिए बेहद कड़ी निगरानी और व्यवस्थित रुख अपनाने की जरूरत है। ट्रिब्यूनल ने हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की जो गंगा सफाई के कार्यो की निगरानी करेगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने आज कहा कि हरिद्वार से उन्नाव के बीच गंगा की सफाई के लिए गहन निगरानी और व्यवस्थित रूख की आवश्यकता है।

पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन

एनजीटी ने उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन किया जो नदी को पुनर्जीवित करने के काम का देख-रेख करेगी। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि गंगा को पुनर्जीवित करना एक ‘‘ बहुत बड़ा काम ’’ है। इस काम को पूरा वक्त दे रहे प्रतिष्ठित लोगों को वांछित परिणाम प्राप्त करने चाहिए।

‘कुछ प्रगति तो हुई है’

न्यायमूर्ति जवाद रहीम और न्यायमूर्ति एसपी वांगड़ी भी इस पीठ में शामिल हैं। पीठ ने कहा, ‘‘कुछ प्रगति तो हुई है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि जो प्रगति हुई है वह पूरी आकांक्षाओं को पूरा करती है।’’  हरित पैनल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि तथा आईआईटी के प्रतिनिधि पर आधारित एक समिति बनाई है। पूर्व न्यायाधीश को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नामित करेंगे। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह त्रैमासिक रिपोर्ट पेश करे। एनजीटी ने समिति से कहा कि वह आज एक महीने के भीतर प्रभार संभाल ले।

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