उत्तर प्रदेश

यूपी के रायबरेली में धर्म परिवर्तन करने वाले परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश, प्रधान सहित 5 के खिलाफ FIR

आशुतोष गुप्ता, रायबरेली: मुस्लिम परिवार का हिंदू धर्म अपनाना रायबरेली में कट्टरपंथियों को नहीं रास नहीं आ रहा है। यहां पर एक मुस्लिम के चार बच्चों के साथ हिंदू धर्म अपनाने के बाद उसको जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। इस मामले में ग्राम प्रधान ताहिर सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

रायबरेली में कट्टरपंथियों को एक मुस्लिम को अपना धर्म त्यागकर हिंदू धर्म अपनाना रास नहीं आ रहा है। उसको लगातार धमकी मिलने के साथ प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। हद तो तब हो गई जब शनिवार रात धर्म परिवर्तन करने वाले युवक के घर को आग के हवाले कर दिया गया। इस आग से किसी की जान की हानि तो नहीं हुई, लेकिन घर में रखा सामान पूरी तरह से जल गया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

रायबरेली के सलोन विकास खंड के अतागंज रतासो गांव निवासी देव प्रकाश पटेल ने दो बेटों देवनाथ (5), दीनदयाल (4) और बेटी दुर्गा देवी (3) के साथ दो सितंबर को मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया था। इस बात को लेकर गांव में रहने वाले कुछ लोग उससे नफरत करने लगे। शनिवार को देव प्रकाश बच्चों संग खाना खाने के बाद सो गया। रात करीब दो बजे उपद्रवियों ने देव प्रकाश के परिवार को जिंदा जलाने की नीयत से उसके घर के छप्पर में आग लगा दी।

इसके बाद घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया, ताकि यह सभी लोग भाग न सकें। आग की लपटें जब उठीं तो देव प्रकाश की नींद टूटी। इसके बाद आगे का दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण उसने घर के पीछे का दरवाजा किसी तरह तोड़ा और बच्चों को बचाकर बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर कोतवाली प्रभारी पंकज त्रिपाठी पुलिस बल के साथ पहुंचे। सूचना पर फायर ब्रिगेड आई और आग पर काबू पाया, लेकिन घर का अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था।

मोहम्मद अनवर ने सितंबर में परिवार के साथ गोकना घाट पहुंचकर सिर मुड़वाकर हवन करके पूरे विधि विधान से हिंदू धर्म अपनाया था। धर्मांतरण के बाद मोहम्मद अनवर ने अपना नाम देव प्रकाश पटेल तथा बच्चों रेहान, अली और खुशी का नाम देवीदया, देवनाथ और दुर्गा देवी रखा था। फकीर बिरादरी से संबंध रखने वाले अनवर की पत्नी का कई वर्ष पहले निधन हो गया था। बेहद गरीब अनवर इसके बाद किसी तरह से अपना और बच्चों का पेट पाल रहा था।

उनके पड़ोसी हिंदू परिवारों ने बिना किसी भेदभाव के उनकी काफी मदद की। जिससे वह बच्चों को पालने व घर चलाने में सक्षम हो पाए। इसी दौरान अनवर हिंदुओं की मदद के साथ ही सनातन सोच से काफी प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने सलोन मे वैदिक मंत्रोच्चारण करके परिवार के साथ बीते सितंबर में हिंदू धर्म अपना लिया था।

अनवर के हिंदू धर्म को अपनाने की प्रक्रिया मजहबी कट्टरपंथियों को रास नहीं आई। शनिवार आधी रात में ग्राम प्रधान ताहिर अहमद ने अपने साथियों के देव प्रकाश बन चुके अनवर के घर आग लगा दी। आग तब लगाई गई जब सभी सो रहे थे। इस आग से युवक ने किसी तरह अपनी व परिवार की जान बचा ली लेकिन उसका घर पूरी तरह से जल गया है। पुलिस इस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

सलोन के अतागंज रतासो गांव में हिंदू धर्म अपनाने वाले एक परिवार को कुछ अराजकतत्वों ने ङ्क्षजदा जलाने की कोशिश की। पीड़ित ने घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर किसी तरह अपनी और बच्चों की जान बचाई। इस मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद मामला पंजीकृत किया है। आरोपित घर छोड़कर भागे हुए हैं।

पीड़ित देव प्रकाश ने ग्राम प्रधान ताहिर, द्वारिका सिंह, रेहान उर्फ सोनू, अली अहमद, इम्तियाज व मदरसे के लोगों पर घर मे आग लगाकर जिंदा जलाने की कोशिश करने आरोप लगाया है। इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने रात में ही आरोपितों के घर पर दबिश दी, लेकिन वह लोग नहीं मिले। हिंदूवादी संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रधान सहित पांच नामजद

सीओ सलोन राम किशोर सिंह ने बताया कि रतासो के ग्राम प्रधान ताहिर सहित पांच लोग नामजद हैं। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

मूर्ति स्थापना करने पर मिली थी अंजाम भुगतने की धमकी

धर्म परिवर्तन करने वाले युवक के घर में आग लगाने की पटकथा एक सप्ताह पहले ही लिख गई थी। अराजकतत्वों ने उसे चेतावनी भी दी थी।फिर भी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के पहुंचने से गांव में हालात नियंत्रण में आए। हिंदू संगठनों ने इस वारदात को लेकर खासा आक्रोश जताया है। करीब चार माह पहले देव प्रकाश ने हिंदू धर्म अपनाया। वह मंदिर में पूजा अर्चना करने लगा। एक हफ्ते पहले उसने घर के बगल ही भगवान शिव और हनुमान की मूर्तियां स्थापित कर दीं। वहीं पर भगवा रंग का झंडा लगा दिया। यह बात गांव के कुछ लोगों को बहुत ज्यादा अखर गई। उन्होंने देव प्रकाश के घर जाकर कहा कि यह सब हटा लो, वरना अंजाम भुगतना पड़ जाएगा। युवक ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया और फिर इतनी बड़ी वारदात हो गई। गनीमत रही कि उसके घर में पीछे का दरवाजा था, वरना बड़ा कांड हो जाता।

आंदोलन की चेतावनी

रतासो गांव में हुई वारदात से हिंदूवादी नेता काफी गुस्से में हैं। जिला धर्म जागरण प्रमुख रामसजीवन ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सीओ से आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। रामसजीवन ने कहा कि तहसील दिवस में युवक को अनवर के नाम से नहीं बल्कि देव प्रकाश के नाम से जाना पहचाना जाए। इसके लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। उसकी भी कागजी कार्रवाई लेखपालों की खाऊ कमाऊ नीति से अधर में लटकी हुई है।

द फ्रीडम स्टॉफ
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