प्रेम विवाह के बाद नया विवाद, पत्नी के लापता होने से बढ़ी चिंता
Love Marriage Dispute: राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले एक युवक ने अपनी पत्नी की सकुशल बरामदगी को लेकर प्रशासन और पुलिस से गुहार लगाई है। युवक का आरोप है कि प्रेम विवाह के बाद से उसकी पत्नी के परिजन लगातार दोनों पर दबाव बना रहे थे और अब उसकी पत्नी को उसकी इच्छा के विरुद्ध अपने साथ ले गए हैं।
स्वेच्छा से किया था विवाह
भांकरी निवासी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि उसने और अंजू कुमारी ने 19 अप्रैल 2026 को अपनी स्वेच्छा से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद अंजू अपने परिजनों का घर छोड़कर उसके साथ रहने लगी। दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से साथ जीवन बिताने का फैसला कर चुके थे।
दौसा में बयान के दौरान हुआ विवाद
राजेन्द्र के अनुसार विवाह के बाद अंजू के परिजनों ने थाना बैजूपाड़ा, जिला दौसा में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस मामले में दोनों पुलिस अधीक्षक कार्यालय, दौसा पहुंचे और अपने बयान दर्ज करवाए। युवक का कहना है कि अंजू ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों के सामने कहा था कि वह अपनी इच्छा से उसके साथ रहना चाहती है और भविष्य में भी उसी के साथ रहना चाहती है।
हालांकि, राजेन्द्र का आरोप है कि बयान के दौरान अंजू के परिजन और उनके समर्थक बड़ी संख्या में वहां मौजूद थे। इस दौरान दोनों को कथित रूप से धमकियां दी गईं और मारपीट का प्रयास भी किया गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस सुरक्षा में दोनों को घर तक पहुंचाया गया।
पहले भी दर्ज हो चुकी है शिकायत
युवक का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और हमले के प्रयासों के कारण उसने 22 अप्रैल 2026 को जयपुर के नारायण विहार थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद विवाद समाप्त नहीं हुआ और दोनों पर कथित दबाव जारी रहा।
झूठी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप
राजेन्द्र ने आरोप लगाया कि 17 मई 2026 को थाना बैजूपाड़ा में उसके खिलाफ एफआईआर संख्या 72/26 दर्ज करवाई गई, जिसे उसने पूरी तरह झूठा बताया है। इसी मामले में 7 जून 2026 को बयान दर्ज कराने के लिए उसे थाने बुलाया गया था, जबकि उसकी पत्नी को पुलिस चौकी बालाहेड़ी ले जाया गया।
रास्ते से पत्नी को ले जाने का आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब अंजू कुमारी अपने अधिवक्ता के साथ जयपुर आने के लिए निकली थी। राजेन्द्र का आरोप है कि इसी दौरान रास्ते में एसयूवी वाहन और कई मोटरसाइकिलों पर पहुंचे लोगों ने अंजू को रोक लिया और उसकी इच्छा के विरुद्ध अपने साथ ले गए। युवक का दावा है कि अंजू उस समय लगातार उसके साथ रहने की बात कह रही थी, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।
सकुशल बरामदगी और कार्रवाई की मांग
राजेन्द्र का कहना है कि घटना के बाद उसने अपनी पत्नी की तलाश के लिए रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर संपर्क किया, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। उसने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अंजू कुमारी की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मामले को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

