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भारत के रक्षा बजट के आगे पाकिस्तान की कोई हैसियत नहीं, पाक के रक्षा बजट से कई गुना ज्यादा

पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक संबंध और तल्ख हो गए हैं। इस घटना की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। सरकार जहां कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान को घेरने की तैयारी कर रही है वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को माकूल जवाब देने का संकल्प लेते हुए कहा कि देश की सैन्य ताकत को कार्रवाई की खुली छूट दे दी गई है। उधर, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा है कि अगर भारत कार्रवाई करता है तो इस्लामाबाद भी इसका जवाब देगा। आपको बता दें कि 1947 में विभाजन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच दो युद्ध हो चुके हैं। आइए जानते हैं कैसी है दोनों देशों की सैन्य ताकत।

कई गुना ज्यादा भारत का रक्षा बजट

इंटरनैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के मुताबिक, भारत ने अपने 14 लाख सक्रिय सैनिकों के लिए 2018 में 58 अरब डॉलर का रक्षा बजट पारित किया था, जो नई दिल्ली की जीडीपी का 2.1 प्रतिशत है। वहीं, पिछले साल पाकिस्तान ने अपने 6,53,000 सैनिकों के लिए 11 अरब डॉलर का रक्षा बजट पास किया था जो इस्लामाबाद की जीडीपी का 3.6 प्रतिशत है। इसे 2018 में 10 लाख डॉलर की सैन्य मदद भी मिली थी। स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (SIPRI) के मुताबिक, 1993 से 2006 के बीच पाकिस्तान ने सेना पर अपनी बजट का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खर्च किया है। इसके मुताबिक, 2017 में सरकारी खर्च में 16.7 प्रतिशत हिस्सा मिलिटरी पर खर्च किया गया था। वहीं, भारत ने उसी अवधि में अपने खर्च का 12 प्रतिशत हिस्सा डिफेंस पर खर्च किया था, जबकि 2017 में यह 9.1 प्रतिशत था।

दोनों देशों के पास बलिस्टिक मिसाइल

वॉशिंगटन स्थित सेंटर फॉर स्ट्रैटजिक ऐंड इंटरनैशनल स्टडीज (CSIS) के मुताबिक, दोनों देशों के पास बलिस्टिक मिसाइल है जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। भारत के पास 9 तरह की ऑपरेशनल मिसाइलें हैं जिसमें अग्नि-3 भी शामिल है जिसकी मारक क्षमता 3,000 से 5,000 किलोमीटर है।

पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम चीनी मदद से तैयार किए गए हैं जिसमें शॉर्ट और मिडियम रेंज के हथियार है जो भारत के किसी भी हिस्से में पहुंच सकते हैं। शाहीन-2 इसकी सबसे लंबी दूरी की मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 2,000 किलोमीटर है। SIPRI के मुताबिक, पाकिस्तान के पास 140 से 150 परमाणु हथियार हैं जबकि भारत के पास 130 से 140 ऐटमी हथियार हैं।

भारत की थल सेना 12 लाख सैनिकों से लैस

भारत की थल सेना 12 लाख सैनिकों से लैस है। जो 3,565 युद्धक टैंक, 3100 इन्फैंट्री फाइटिंग वीइकल, 336 बख्तरबंद पर्सनेल कैरियर और 9,719 आर्टिलरी से मजबूत है। जबकि पाकिस्तानी थल सैनिकों की संख्या भारत से काफी कम है। 5,60,000 सैनिक क्षमता वाली थल सेना के पास 2,496 टैंक, 1605 बख्तरबंद पर्सनेल कैरियर, 4,472 आर्टिलरी गन हैं जिसमें स्व-प्रेरित 375 हॉवित्जर भी शामिल हैं।

भारत की वायु सेना 814 लड़ाकू विमानों से लैस

1,27,200 सैन्य कर्मियों वाली भारत की वायु सेना 814 लड़ाकू विमानों से लैस है। सैन्य क्षमता बड़ी होने के बाद भी इसकी चिंता इसकी फाइटर जेट फ्लीट है। भारत को अभी 42 हवाई बेड़े की जरूरत है यानी चीन और पाकिस्तान से दो तरफा लड़ाई के लिए 750 विमानों की जरूरत होगी। पुराने रूसी जेट जैसे मिग-21 जल्द ही रिटायर होने वाले हैं जिन्हें सबसे पहले 60 के दशक में इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, भारत के पास 2032 तक 22 हवाई बेड़े हो सकते हैं।

पाकिस्तान की बात करें तो इसके पास 425 लड़ाकू विमान है जिसमें चीन का F-7PG और अमेरिका का F-16 फाइटिंग फाल्कन जेट शामिल है। इसके पास सात एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग और कंट्रोल एयरक्राफ्ट भी हैं, जबकि भारत के पास सिर्फ चार ही हैं।

पाकिस्तान की नौसेना अपेक्षाकृत छोटी

भारत के पास एक एयरक्राफ्ट कैरियर, 16 पनडुब्बी, 15 विध्वसंक, 13 युद्धपोत, 106 पट्रोल और कोस्टल कॉम्बेट पोत हैं और साथ ही युद्ध में सक्षम 75 कॉम्बेट एयरक्राफ्ट शामिल हैं। भारतीय नौसेना में 67,700 सैनिक हैं जिनमें मरीन और नेवल एविएशन स्टाफ शामिल हैं। पाकिस्तान की बात करें तो इसकी नौसेना अपेक्षाकृत छोटी है। इसके पास 9 युद्धपोत, 8 पनडुब्बी, 17 पट्रोल और तटीय पोत और युद्ध लड़ने में सक्षम 8 एयरक्राफ्ट हैं।

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