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गुजरात हिंसा: अल्पेश के इंकार के बावजूद, हमले के सबसे ज्यादा आरोपी ठाकोर सेना से

अहमदाबाद : गुजरात के अलग-अलग शहरों में भले ही उत्तर भारतीयों के खिलाफ हुई हिंसा में कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने खुद के शामिल होने की बात से इनकार किया हो, लेकिन गुजरात पुलिस की जांच और कार्रवाई के बीच अल्पेश की ठाकोर सेना के तमाम आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले के आरोप में पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें से कई गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना से जुड़े हुए हैं।

बड़ी संख्या क्षत्रिय ठाकोर सेना के कार्यकर्ताओं की

गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने हाल ही में जिन 29 लोगों को गिरफ्तार किया है, इनमें एक बड़ी संख्या क्षत्रिय ठाकोर सेना के कार्यकर्ताओं की है। गुजरात पुलिस के एसीपी और हमलों के मामले के जांच अधिकारी जे एक गेदम के अनुसार पुलिस ने अब तक कुल 29 लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें ठाकोर सेना से जुड़ा राहुल परमार नाम का एक युवक भी शामिल है। एसीपी ने बताया कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इन सभी पर सोशल मीडिया के जरिए गुजरात में उत्तर भारतीयों के खिलाफ लोगों को भड़काने का आरोप है।

गिरफ्तार लोगों से कड़ाई से पूछताछ
इस आरोप में जिस राहुल परमार को हिरासत में लिया गया है, उसके करीब 2 साल से ठाकोर सेना की सोशल मीडिया सेल से जुड़े होने की बात सामने आई है। इसके अलावा अन्य लोगों पर यह आरोप है कि उन्होंने उत्तर भारतीयों के खिलाफ तमाम विडियोज को सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड किया, जिसके कारण राज्य में माहौल बिगड़ा। वहीं एसपी साइबर क्राइम जेके भट्ट ने मंगलवार को जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर भारतीयों पर हमलों के मामले में अब तक कुल 157 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इन सभी से पूछताछ की जा रही है।

अल्पेश ठाकोर की सफाई
बता दें कि इससे पहले हिंसा की घटनाओं में अल्पेश ठाकोर के संगठन ठाकोर सेना का नाम आया था, जिसके बाद मंगलवार को इसपर सफाई देते हुए उन्होंने मीडिया में बयान जारी किया था। इससे पहले उत्तर भारतीयों के खिलाफ वडनगर में मंगलवार को प्रदर्शन किए गए थे। इस दौरान कांग्रेस विधायक और गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना के संयोजक अल्पेश ठाकोर के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शनकारी, प्रवासी वर्कर्स को हटाने की मांग कर रहे थे। ठाकोर ने कहा था कि इंडस्ट्रियल यूनिट्स को दूसरे राज्यों की जगह स्थानीय लोगों को काम देना चाहिए।

ठाकोर ने आरोपों को गलत बताया

ठाकोर ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा है, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है, हमने कभी हिंसा की वकालत नहीं की और हमेशा शांति की बात नहीं की है। सभी भारतीय गुजरात में सुरक्षित हैं।’ गौरतलब है कि राज्य में हो रहे प्रदर्शनों और उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों के डर से बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को वापस जा रहे हैं। यहां तक कि इस कारण राज्य में उद्योगों पर बुरा असर पड़ा है और फैक्ट्रियों के मालिकों ने सुरक्षा मांगी है।

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