शांगरी-ला डॉयलॉग में पीएम मोदी
उत्तर प्रदेश

मोदी जी ने कहा था खाते में 15 लाख आएंगे, ये तो उसकी पहली किश्त है

कानपुर : अपने फंड और पेंशन के साढ़े तीन लाख रुपये के लिए सेवानिवृत्त कानपुर नगर निगम का कर्मचारी दस महीने से भटक रहा है। रुपये ट्रांसफर में एक चूक से उसके जीवन भर की कमाई तमिलनाडु की महिला के खाते में चली गई। अब वह महिला कह रही है, मोदी जी ने कहा था खाते में 15 लाख आएंगे, ये तो उसकी पहली किश्त है। अब बैंक और नगर निगम एक-दूसरे की गलती बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।

नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत रहे रमेश चंद्र 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। इनका खाता पहले एसबीआई मोतीझील शाखा में था। सेवानिवृत्त के बाद इन्होंने पेंशन के लिए अपना खाता स्वरूप नगर स्थित इलाहाबाद शाखा में ट्रांसफर करवा लिया। इसके बाद इनके खाते में 350380 रुपये ट्रांसफर होने थे। लेकिन इसमें बड़ी चूक हो गई।

नगर निगम से भेजी गई डिटेल के मुताबिक मुंबई स्थित एसबीआई के नेशनल ऑटोमेटिक क्लीयरिंग हाउस से दिए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी गई। लेकिन ये रुपये रमेश नहीं बल्कि तमिलनाडु स्थित सनारपत्ती ब्रांच में धनम एस नाम की महिला के खाते में चले गए। रमेश ने जब विभाग और बैंक अफसरों से संपर्क किया तो मामले का खुलासा हुआ। अब बैंक अधिकारी महिला से रुपये वापस मांग रहे हैं पर वह इनकार कर रही है।

नगर निगम से भेजी गई सूचना में रमेश का खाता इलाहाबाद बैंक वाला ही था। नगर निगम के सिस्टम में तकनीक गड़बड़ी के कारण उनका खाता और नाम सही रहा पर माइकर और आईएफएस कोड एसबीआई का चला गया। रमेश और महिला के अकाउंट नंबर भी एक जैसे थे। यहां ध्यान नहीं दिया गया और रकम दूसरे के खाते में चली गई।

सूत्रों के मुताबिक, भुगतान के समय सभी जानकारी के बाद रुपये ट्रांसफर होते हैं लेकिन क्लीयरिंग हाउस कर्मियों ने अकाउंट नंबर तो देखा पर नाम, माइकर कोड का मिलान किए बगैर ही भुगतान कर दिया।

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