उत्तर प्रदेश

आजम खान रहते हैं हिंदुस्तान में लेकिन गाते हैं पाकिस्तान की -अमर सिंह

रामपुर : समाजवादी पार्टी के फायरब्रांड नेता आजम खां के खिलाफ आवज बुलंद करने के बाद आज रामपुर पहुंचे अमर सिंह के वहां कदम रखते ही माहौल गरम हो गया है। अमर सिंह निर्धारित समय से करीब ढाई घंटा विलंब से पहुंचे। उससे पहले उनके समर्थकों आजम खां के खिलाफ पीडब्ल्यू गेस्ट हाउस में जमकर नारेबाजी की।

आपके घर आया हूं

अमर सिंह ने कहा कि आजम खां , मैं कुर्बानी के बकरे की तरह आपके घर आया हूं। चाहे तो मेरी कुर्बानी ले लो, मेरा कत्ल कर दो,लेकिन मेरी बेटियों को बख्श दो। साथ ही चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर हिंदू समाज का कुंभकरण जाग गया तो आजम खां को रसगुल्ले की तरह निगल जाएगा।

पाकिस्तान से प्यार है तो पाकिस्तान चले जाएं

अमर सिंह ने निरीक्षण भवन में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि आजम खां ने पूरे हिंदू समाज का अपमान किया है। मुझे और मेरे परिवार को काट डालने की बात कही है ।बेटियों को तेजाब में गलाने की बात कही है । उनके बेटे अब्दुल्ला अभी बच्चे हैं । बडो के बीच में न पड़ें। पहले अपने फर्जी पैन कार्ड के बारे में बात करें। बालों के झड़ने में ना पड़े। उन्होंने कहा कि आजम हमेशा पाकिस्तान की बात करते रहे । कभी भारत मां को डायन कहा तो कभी कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया। अगर उन्हें पाकिस्तान से प्यार है तो वह बेशक पाकिस्तान चले जाएं।

हिंदुस्तान में रहेंगे और गाएंगे पाकिस्तान की

अमर सिंह ने कहा कि आजम खां हिंदुस्तान में रहेंगे और गाएंगे पाकिस्तान की। उन्होंने आजम खां से सवाल किया कि वह बताएं कि आखिर मुजफ्फरनगर में दंगे क्यों हुए। आजम खां मुजफ्फरनगर के प्रभारी थे तो वहां दंगे क्यों हुए। उन्होंने कहा कि आजम खां के के पास झूठ बोलने की डॉक्टरेट डिग्री है। रामपुर पहुंचे अमर सिंह ने आजम खां को चैलेंज दिया और कहा- ‘आ गया हूं मैं।’ अमर सिंह ने आजम खां पर निशाना साधते हुए कहा कि लगता है बकरीद की कुर्बानी से आजम खान का पेट नहीं भरा है।

मैैं कुर्बान होने के लिए तैयार

मेरी कुर्बानी से मेरी मासूम बच्चियों की जान बचती है तो मैैं कुर्बान होने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि जब यह बयान दे चुके हैं, दंगे अच्छी चीज नहीं होती है, हिन्दू का खून है ना मुसलमान का खून है, ये दुश्मन हिन्द ये इंसान का खून है। उन्होंने कहा कि आजम खां से ज्यादा बड़ा गुनहगार मैं तो मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव को मानता हूं, क्योंकि वह आजम खां पर कार्रवाई नहीं करते।

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