उत्तर प्रदेश

डलमऊ: आस्था, परंपरा और पौराणिकता का संगम कार्तिक पूर्णिमा

डलमऊ से आशुतोष गुप्ता: कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा नदी के तट पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। रायबरेली जनपद के ग्रामीण अंचलों सहित समीपवर्ती जनपदों के लाखों लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में जमकर खरीददारी की और खान पान की दुकानों में जलेबी और चाट-बताशे खाकर मेले का आनन्द उठाया। बड़ा मठ और छोटा मठ में भण्डारे व सत्संग का आयोजन किया गया। सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र में निगरानी की गई। स्वास्थ्य विभाग और आईटीबीपी द्वारा चिकित्सा शिविरों में निःशुल्क दवायें भी वितरित की गई। मेला कोतवाली में बने खोया-पाया केन्द्र में बच्चों और बूढ़ो को उनके परिजनों तक पहुंचाने में मदद की गई। ट्रेनों के आवागमन के पश्चात घण्टों तक जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मियांटोला के समीप लगी प्रदर्शनी में मेलार्थियों ने खरीददारी की। मेला क्षेत्र में विभिन्न संगठनों द्वारा लगाये गये सहायता शिविरों से भी मेलार्थियों को सहयोग किया गया।

हर-हर गंगे के जयकारों के साथ लगाई आस्था की डुबकी

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सुदूर क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं ने गंगानदी में रात्रि साढ़े 12 बजे से ही गंगा स्नान आरम्भ कर दिया। हर-हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था के सैलाब में गंगा में डुबकी लगाई। डलमऊ गंगा तट के किला घाट, सड़क घाट, रानी का शिवाला घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट, बरूद्दा घाट, बड़ा मठ घाट, राजा नेवाज सिंह घाट, महावीरन घाट, तराई घाट, सहित सभी घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर मन्दिरों में पूजा अर्चना की और तीर्थ पुरोहितों को दान-दक्षिणा दी। अनुमान के अनुसार लगभग 8-10 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।

मेले में की खरीददारी

कार्तिक मेले में आये मेलार्थियों ने स्नान के बाद मेले में लगी दुकानों से जमकर खरीददारी की। मेले में बच्चों के लिये खिलौने, महिला श्रंगार, ग्रामीणों के लिये लाठी, पषुओं के लिये घुंघरू आदि साहित्यक स्टाॅल आदि दुकानों से खरीददारी की गई। खान पान की दुकानों में जलेबी, चाट, बताषा, चाउमीन, का श्रद्धालुओं ने जमकर आनन्द उठाया।

भण्डारे और सत्संग का आयोजन

गंगा तट स्थित सनातन धर्मपीठ बड़ा मठ में महामण्डलेषवर स्वामी देवेन्द्रानन्द गिरि की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें ऋषिकेष हरिद्वार, हरियाणा, प्रयाग, नैमिषारण्य, वृन्दावन से पधारें महात्माओं ने प्रवचन किया। स्वामी नरेषानन्द परमहंस, नारायाणानन्द, कृष्णानन्द भारतीय, षिवेन्द्रानन्द ब्रंम्हचारी, धर्मानन्द और स्वामी गीतानन्द के प्रवचन का श्रद्धालुओं ने श्रवण किया। बड़ा मठ में ब्रम्हचारी दिव्यानन्द, रामचैतन्य आदि षिष्यों के निर्देषन में श्रद्धालुओं के लिये विषाल भण्डारे का आयोजन किया गया। मानव जीवन सुधार संघ छोटा मठ में उमाकान्त अवस्थी के संयोजन में श्रद्धालुओं के लिये भण्डारे और ठहरने की व्यवस्था की गई। मठ में बीती रात संकीर्तन का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तिमयी गीतों काक श्रद्धालुओं ने आनन्द उठाया।

शिविरों का आयोजन

मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाये चिकित्सा शिविर में मेलार्थियों ने इलाज करवाया और निःषुल्क दवायें भी प्राप्त की। विभाग की ओर से लगाई गई एम्बुलेन्स और मोबाइल एम्बुलेन्स मेला क्षेत्र में मौजूद रही। वहीं आईटीबीपी की 46वीं वाहिनी के कैम्प में निःशुल्क चिकित्सा शिविर में भी श्रद्धालुओं ने दवायें ली।

प्रशासनिक व्यवस्था मुस्तैद

मेला क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों का भ्रमण लगातार जारी रहा। बीती रात से ही जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में भ्रमण कर अधीनस्थ कर्मियों को लगातार सचेत किया। एसडीएम सविता यादव समेत पूरे जिले की फोर्स ने मेले को सकुशल सम्पन्न करवाया। मेला कोतवाली से एनाउसमेण्ट के द्वारा यात्रियों को लगातार सजग किया गया। मेले में किसी प्रकार की घटना की सूचना नही है।

द फ्रीडम स्टॉफ
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